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अणु मात्र भी किया हुआ पाप बिना भोगे नहीं कटेगा== दिव्य मोरारी बापू

अणु मात्र भी किया हुआ पाप बिना भोगे नहीं कटेगा== दिव्य मोरारी बापू

गुलाबपुरा (रामकिशन वैष्णव) स्थानीय सार्वजनिक धर्मशाला में चल रहे श्रीदिव्य चातुर्मास सत्संग 
महामहोत्सव में श्रीशिवमहापुराण कथा में कथा व्यास-श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री दिव्य मोरारी बापू  ने कहा कि  पुण्य क्षेत्र में रहकर ज्यादा से ज्यादा पुण्य उपार्जन कर लो। वहां जितना हो सके नाम जप लो। कथा सुन लो,पूजन कर लो, उसका आपको हजारों गुना फल मिलेगा। लेकिन अणु मात्र भी किया हुआ पाप बिना भोगे नहीं कटेगा। बाहर किया हुआ पाप तीर्थ में जाकर नष्ट हो जाता है और तीर्थ में किया हुआ पाप-" वज्रलेपो भविष्यति " जो बिना भोगे नहीं कटता एवं
काशी में पैदा होने वाले चर, अचर प्राणी तो क्या सब पशु-पौधे भी मुक्त हो जाते हैं। जिस व्यक्ति को पाप से बचना है, मुक्त होना है, भजन नहीं कर पाया, वह काशी में बस कर ले, उसकी मुक्ति हो जायेगी। काशी में मरने वाला व्यक्ति दोबारा मां की गोद में नहीं आता। तीर्थों में बास करना चाहिए। वहां पर श्राद्ध करो, तीर्थों में बैठकर दान करो, जप करो। कम-से-कम एक हजार बार गायत्री का जप कर लो, उसके ज्ञात-अज्ञात सभी पाप नष्ट हो जायेंगे। कथा में इस दौरान श्री दिव्य सत्संग मंडल व्यवस्थापक श्री घनश्यामदास जी महाराज, श्री दिव्य सत्संग मंडल के पदाधिकारी एवं श्रद्धालु मौजूद थे।

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